अमेरिका के वैज्ञानिकों ने घातक बीमारी एड्स के इलाज में प्रभावी दवा का खोज करने का दावा कर चिकित्सा जगत में नयी हलचल पैदा कर दी है।
मरीजों पर किए गए शोध में पाया गया कि नयी दवा ‘टू्रवादा’ के प्रभाव से समलिंगी एवं समलैंगिक पुरूषों में एड्स के विषाणु एचआईवी से प्रभावित होने की दर में लगभग 44 प्रतिशत की कमी हो गई। इस दवा को दो वर्षों तक निंरतर लेने पर एड्स का खतरा 70 प्रतिशत तक कम हो गया।
यूएस सेंटर फार डिसीज कंट्रोल एडं प्रिवेंन्शन के डाक्टर केविन पैंन्टन ने एक बयान में कहा कि ये परिणाम एचआईवी बचाव शोध की दिशा में आगे की ओर बढ़ा एक महत्वपूर्ण कदम है।
वैज्ञानिकों ने इस दवा ‘टू्रवादा’ को दो अन्य दवाओं टेनोफोवियर और इमीट्रिसीटाबाईन के मिश्रण से बनाया और पेरू, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और कुछ और जगहों पर ऐसे 2499 समलिंगी, समलैंगिको और लिंग परिवर्तन करवा चुके लोगों पर इसका परीक्षण किया।
इन लोगों के एड्स की चपेट में आने की पर्याप्त संभावना रहती है।
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